झांसी, अप्रैल 5 -- झांसी। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हो गई है। इसी के साथ घरों का बजट भी गड़बड़ हो गया है। निजी स्कूलों में कॉपी-किताबों को लेकर यूनीफार्म के दामों ने अभिभावकों के पसीने निचोड़ दिए हैं। क्षेत्रवासियों के अनुसार अंग्रेजी माध्यम में तालीम इतनी महंगी हो गई है कि आम वर्ग अपने बच्चों के एडमीशन के बारे में सोच भी नहीं सकता। स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से महंगी किताबें और कॉपियां खरीदने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। स्थिति यह है कि अलग-अलग विद्यालयों में एक ही कक्षा की किताबों के दाम में 2000 से 3500 रुपए तक हैं। रुजबकि सभी स्कूल राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत पढ़ाई कराने का दावा कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने बताया कि एक स्कल का हर साल सिलेवस चेंज होता है। यानी हर साल हजारों की खरीदी गई किताबें रद्दी हो जाती...