रांची, अक्टूबर 6 -- रांची, विशेष संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट ने अपील दाखिल करने में हुई 445 दिनों की देरी को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को राहत देने से इनकार कर दिया। चीफ जस्टिस महेश शरदचंद्र सोनक और जस्टिस मनोज प्रसाद की खंडपीठ ने देरी माफी की सरकार की अर्जी खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि केवल सरकारी फाइल के एक अधिकारी से दूसरे अधिकारी के पास जाने और विभिन्न स्तरों पर मंजूरी लेने में समय लगने को देरी का पर्याप्त कारण नहीं माना जा सकता। राज्य सरकार ने 4 अक्तूबर 2023 को एकल पीठ के आदेश के खिलाफ अपील दाखिल की थी। अपील दाखिल करने में 445 दिन की देरी हुई। मामला धनबाद के झरिया क्षेत्र की जमीन से जुड़ा है। शिव रतन प्रसाद गुप्ता ने सर्किल ऑफिसर, झरिया की ओर से जमीन पर यथास्थिति बनाए रखने के आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। विवाद खाता संख्या ...