लखनऊ, मई 30 -- लखनऊ, विशेष संवाददाता पावर कॉरपोरेशन ने शनिवार को 10% अधिभार शुल्क के संबंध में कहा कि अपीलीय अधिकरण के आदेशों के अनुपालन में ऐसा हुआ है। इनमें एनटीपीसी को राख परिवहन मद में देय एरियर और केंद्रीय पारेषण उपयोगिता (सीटीयू) को पूर्व वर्षों के लंबित देयों का भुगतान शामिल है। इस वजह से विद्युत क्रय लागत में अस्थाई बढ़ोतरी हुई है।पावर कॉरपोरेशन ने कहा है कि बीते छह साल से यूपी की बिजली दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है। अधिभार नियामक आयोग की व्यवस्था के मुताबिक वसूला जा रहा है। हर महीने के लिए इसकी दरें परिवर्तित होती रहती हैं। यह भी पढ़ें- गर्मी में बिजली संकट झेल रहे उपभोक्ताओं को जून में बिल देगा झटका इनकी गणना आयोग द्वारा अनुमोदित लागत और वास्तविक लागत के अंतर से तय होती है। कई बार यह ऋणात्मक भी रहती है। फरवरी-2026 में दर 10 थ...