कानपुर, जनवरी 10 -- कानपुर, वरिष्ठ संवाददाता। छात्रों के लिए ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक एकाउंट रजिस्ट्री (अपार) को अनिवार्य कर दिया गया है। इससे पहले छात्र का परमानेंट एजुकेशन नंबर (पेन) जनरेट करना होता है। शहर में अब तक 7,64,225 बच्चों में से केवल 3,05,690 की ही अपार आईडी बन पाई है। आरटीई में कक्षा एक में प्रवेश लेने वाले कई बच्चों की आईडी पहले ही किसी दूसरे स्कूल में जनरेट हो चुकी है। इसकी शिकायत स्कूलों ने बेसिक शिक्षा अधिकारी से की है। अब तक केवल 40 फीसदी छात्रों की ही अपार आईडी बन सकी है। 60 फीसदी की बनना शेष है। परिषदीय स्कूलों की स्थिति तो ठीक है, लेकिन पब्लिक स्कूलों की स्थिति बेहद खराब है। अभी भी 4,58,535 छात्रों की अपार आईडी जनरेट होना शेष है। अभिभावक की अनुमति न मिलने से भी बाधा आ रही है। कानपुर स्कूल्स वेलफेयर एसोसिएशन के समन्व...