गोरखपुर, अगस्त 19 -- गोरखपुर, कार्यालय संवाददाता। महाराणा प्रताप महाविद्यालय, जंगल धूसड़ में राष्ट्रसंत ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की 12वीं पुण्यतिथि की स्मृति में आयोजित सातदिवसीय व्याख्यानमाला का शुभांरभ मंगलवार को हुआ। मुख्य अतिथि महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, गोरखपुर के कुलपति लेफ्टिनेंट जनरल डॉ. भूपेश कुमार गोयल ने कर्म, स्वीकार्यता, समर्पण और कृतज्ञता को सफल एवं सार्थक जीवन के महत्वपूर्ण आधार बताते हुए विद्यार्थियों को अपने दायित्वों के प्रति सजग रहने का संदेश दिया。

व्याख्यानमाला का महत्व मुख्य अतिथि ने कहा कि कर्म ही धर्म है का अर्थ केवल कार्य करना नहीं, बल्कि अपने दायित्व का ईमानदारी, निष्ठा और निरंतरता के साथ निर्वहन करना है। विद्यार्थी के लिए अध्ययन, शिक्षक के लिए शिक्षण और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के लिए अपने हिस्से की जिम्मेदा...