जमशेदपुर, अप्रैल 3 -- साकची बोधि मंदिर के मैदान में चल रही धार्मिक कथा नानी बाई रो मायरो के तीसरे एवं अंतिम दिन गुरुवार को आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी ने अपनी सुमधुर वाणी से नानी बाई एवं नरसी मेहता मिलन, श्री कृष्ण रुक्मिणी सहित मायरा भरने की भावपूर्ण कथा के प्रसंग को गाकर सुनाया। इससे श्रोता भावविभोर हो गए। उन्होंने कहा कि यह कथा बेटी के प्रति पिता के नि:स्वार्थ प्रेम और ईश्वर पर पूर्ण समर्पण को दर्शाती है। भगवान ने स्वयं को नरसी जी का सेवक बताते हुए संदेश दिया कि सच्चे भक्त की लाज रखना ही उनका धर्म है। उन्होंने मनुष्य जीवन को अनमोल बताते हुए भक्तों को सदुपयोग करने की बात कही एवं भजन करने से जीवन का कल्याण होने की बात बताई। जया किशोरी के अनुसार, जब भक्त नरसी मेहता के पास अपनी बेटी नानी बाई के मायरे के लिए कुछ भी नहीं था, तब उन्होंने अ...