नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- नेपाल में बुधवार को कई परिवारों ने अपने परिजनों की आत्मा की शांति के लिए प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। कई दिनों तक राहत शिविरों और शवगृहों में अपने परिजनों की तलाश करने के बाद कुछ परिवारों ने उम्मीद खो दी। इसके बाद उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज के अनुसार पुआल से बनाए गए पुतलों का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार करना शुरू किया। अपने पति के अंतिम संस्कार के दौरान बेटे के साथ पहुंची डोल्मा नेवार तामांग ने कहा कि हमें यह इसलिए करना पड़ा ताकि उनकी आत्मा मुक्त हो सके और जहां भी हों, शांति और खुशी से रहें। वहीं, मुकुंदा रिजाल ने बताया कि उनके चचेरे भाई-बहन और उनकी बेटियां नहीं मिल पाए। यह भी पढ़ें- छह दिन से अपनों की सांस या लाश का इंतजार, बाढ़ पीड़ितों की आंखों में तैर रहे सवाल इसके कारण परिवार को उनका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार ...