अपनी ही वरासत से अनभिज्ञ एटा के लोग, नहीं कोई संग्राहलय
एटा, मई 17 -- एटा, विश्व भर में प्रख्यात अतरंजी खेडा में मिले अवशेष को एटा के लोग नहीं देख सके। यहां पर खुदाई के दौरान जो अवशेष मिले थे वह उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जनपदों के संग्राहलयों में रख दिए गए। इन अवशेषों को एटा में स्थापित कराने के लिए कोई प्रयास नहीं किए। इसके लिए ना तो कोई संग्राहलय बनाया गया ना ही किसी ने भी पहल की। एटा में अगर संग्राहलय बन जाए तो एटा जनपद की विरासत वासप मिलने की संभावना है। वर्ष 1962 में अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी की ओर से यहां पर खुदाई कराई गई थी। इसमें यहाँ से लोहा पिघलाने की भट्ठियां, तांबे के बर्तन और मुद्रा, भाला, गेरुआ रंग के बर्तन मिले। यही नहीं कुषाण, गुप्त कालीन मूर्तियां, तांबे के सिक्के, पत्थर के टैग, देवी -देवताओं के चित्र, फूल-पत्तियां, भाले एवं ईंटों के टुकड़े आदि शुंग, कुषाण और गुप्तकालीन पुरातात्...
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