नई दिल्ली, फरवरी 20 -- संजय कुमार भारद्वाज,प्रोफेसर, जेएनयू बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के दो-तिहाई बहुमत हासिल करने के बाद तारिक रहमान ने प्रधानमंत्री की शपथ लेकर सत्ता की बागडोर संभाल ली है। पिछले 18 महीने के गतिरोध के बाद बांग्लादेश के राजनीतिक स्थायित्व के लिहाज से इसे एक सकारात्मक संकेत माना जा सकता है। नई सरकार में अल्पसंख्यक समुदाय के चार सांसदों में से दो को मंत्री बनाया गया है। राष्ट्र के नाम अपने पहले संबोधन में नवनियुक्त प्रधानमंत्री ने जिस तरह अल्पसंख्यकों की दिलजोई की, उससे यही उम्मीद बांधी जा सकती है कि यह सब प्रतीकात्मक भी हो, तब भी बांग्लादेश वापस पटरी पर आ सकता है। हालांकि, बीएनपी का इतिहास इस्लामी राजनीति में अधिक विश्वास करने का रहा है, मगर बांग्लादेश की जनता ने इसे अवामी लीग के विकल्प के रूप में देखा है। अतः न...