रांची, मार्च 6 -- रांची, विशेष संवाददाता। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा में शुक्रवार से तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला 'जड़ों से नवजागरण: झारखंड में जनजातीय विरासत, नवाचार और डिजिटल उद्यमिता' की शुरुआत हुई। उद्देश्य जनजातीय समृद्ध विरासत के प्रति जागरुकता बढ़ाना और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक तकनीक व डिजिटल उद्यमिता के साथ एकीकृत करना है। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि पद्मश्री मधु मंसूरी हंसमुख और विशिष्ट अतिथि कला एवं संस्कृति विभाग के निदेशक आसिफ अकरम उपस्थित थे। मधु मंसूरी हंसमुख ने युवाओं को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि स्थानीय परंपराओं की समृद्धि को समझना अनिवार्य है। उन्होंने अपने प्रसिद्ध गीत 'झारखंड कर कोरा' का उल्लेख करते हुए विद्यार्थियों को अपनी पहचान पर गर्व करने के लिए प्रेरित किया। वहीं,...