गोरखपुर, मई 30 -- पीपीगंज, हिंदुस्तान संवाद। ग्रामीण महिलाओं के कृषि कार्यों को सरल, सुरक्षित और कम श्रमसाध्य बनाने के लिए महायोगी गोरखनाथ कृषि विज्ञान केंद्र, चौकमाफी (पीपीगंज) द्वारा महिला अनुकूल कृषि यंत्रों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इन आधुनिक उपकरणों के प्रयोग से महिलाओं के शारीरिक श्रम में उल्लेखनीय कमी आई है और उनकी कार्यक्षमता में काफी वृद्धि हुई है। ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाएं परंपरागत रूप से मक्के के भुट्टों से दाने निकालने के लिए हाथों या लकड़ी की सहायता लेती थीं। इस प्रक्रिया में उंगलियों में घाव, पीठ और कलाई में दर्द जैसी समस्याएं आम थीं। कृषि विज्ञान केंद्र से उपलब्ध हस्तचालित मक्का छीलने के यंत्र से अब महिलाएं एक घंटे में 25 से 30 किलोग्राम तक मक्का आसानी से साफ कर रही हैं, जबकि पहले यह क्षमता मात्र 10 से 12 किलोग्राम थी। ...