नई दिल्ली, जुलाई 21 -- मदन जैड़ा, नई दिल्ली कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रदर्शन में सोमवार को जंतर-मंतर पर हजारों युवाओं की भीड़ उमड़ी तो लोगों की डेढ़ दशक पहले हुए अन्ना हजारे आंदोलन की यादें ताजा हो गईं। हालांकि, दोनों आंदोलनों में कुछ समानताएं होने के बावजूद काफी भिन्नताएं हैं। संसद के मॉनसून सत्र के पहले दिन दिल्ली पुलिस के तमाम प्रयासों के बावजूद बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से लेकर संसद भवन के निकट तक एकत्र होने में सफल रहे। पुलिस ने करीब 50 हजार के करीब छात्र-युवाओं के उस क्षेत्र में पहुंचने का दावा किया है, लेकिन वास्तविक संख्या 70-80 हजार तक होने का अनुमान है। इससे सरकार के माथे पर चिंता की लकीरें भी हैं। अन्ना हजारे और सीजेपी के आंदोलन में कुछ समानताएं हैं। दोनों आंदोलन सत्ता के खिलाफ थे। इनमें युवा बड़ी संख्या में...