नई दिल्ली, जुलाई 29 -- केरल हाईकोर्ट ने राज्य सरकार और पुलिस को निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि प्रयागराज कुंभ मेले के दौरान चर्चा में आई लड़की को कोर्ट के आदेश के बिना मध्य प्रदेश पुलिस या किसी और को न सौंपा जाए। अदालत ने आगे कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग कोई अदालत नहीं है। यह निर्देश जस्टिस बेचू कुरियन थॉमस ने तब जारी किया जब कोर्ट को बताया गया कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग ने केरल के राज्य पुलिस प्रमुख को निर्देश दिया है कि वे लड़की को तुरंत मध्य प्रदेश पुलिस को सौंप दें। हाईकोर्ट ने कहा कि आयोग कोई कोर्ट नहीं है। आयोग के पास केवल सिफारिश करने की शक्तियां हैं। इसलिए, आयोग किसी व्यक्ति के जीवन के अधिकार से जुड़ा आदेश नहीं जारी कर सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि अदालत का मानना ​​है कि याचिकाकर्ता को अपनी जान का जो खतरा महसूस हो ...