पटना, अगस्त 1 -- सूबे के अनुसूचित जनजाति-आदिवासी के पढ़ने वाले बच्चों को आशियाना मिलेगा। इनके लिए 14 जिलों में 34 छात्रावासों का निर्माण किया जाएगा। राज्य सरकार ने इसके लिए दो अलग योजनाओं को मंजूरी दी है। राज्य में पहली बार आदिवासी बच्चों को अलग से रहने की सुविधा मिलेगी। इन छात्रावासों के निर्माण की प्रक्रिया प्रारंभ हो गयी है। इन छात्रावासों का संचालन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और नेताजी सुभाष चंद्र बोस छात्रावास की तर्ज पर ही किया जाएगा। विद्यार्थियों को आवास के साथ-साथ भोजन और उच्च गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई का बेहतर वातावरण मिलेगा। पिछले दिनों राज्य मंत्रिपरिषद ने इस योजना को मंजूरी दी है। इसके बाद शिक्षा विभाग ने इस दिशा में पहले शुरू की है。

योजनाओं का विवरण विभाग के अधिकारियों के अनुसार धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अलावा प...