लखनऊ, मार्च 23 -- लखनऊ। रोडवेज बस के ड्राइवरों की मनमानी का खुलासा तीन साल बाद हुआ है। सितंबर 2022 में अनुबंधित ढाबे पर बसों को रोकने का फरमान बस ड्राइवरों ने माना ही नहीं। चेकिंग के दौरान बसें बगैर अनुबंधित ढाबे पर मिलीं। इस संबंध में सहायक प्रबंधक (प्रवर्तन) गौरव वर्मा ने तीन साल बाद अनुबंधित ढाबे की जांच कराई तो पता चला कि यहां तो बीते तीन सालों से बसें ही नहीं रुक रही हैं। ऐसी स्थिति में 19 मार्च 2026 को एक पत्र चेकिंग दल और क्षेत्रीय प्रबंधक को भेजा गया।
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