गंगापार, जून 14 -- खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ ही करछना क्षेत्र में धान की नर्सरी डालने का कार्य तेज हो गया है। क्षेत्र के लगभग 30 प्रतिशत हिस्से में किसानों ने बेहन (नर्सरी) डाल दी है। निजी नलकूपों के सहारे किसान खेत तैयार कर रहे हैं, जबकि नहरों में पानी की कमी किसानों की चिंता बढ़ा रही है। कृषि विभाग द्वारा अनुदान पर बीज उपलब्ध कराए जाने से किसानों को राहत मिली है। कृषि बीज गोदाम करछना के प्रभारी संदीप कुमार पटेल ने बताया कि गोदाम पर सीएट्स-1, सीएट्स-4, सांभा मंसूरी और आईआर-64 जैसी शोध प्रजातियों के बीज उपलब्ध हैं। किसानों की मांग वाली पंत-24 प्रजाति अभी तक नहीं पहुंची है। यह भी पढ़ें- पहले रोपाई की जाने वाली धान की नर्सरी तैयार, नहरों में पानी का इंतजार इसके अलावा 6444, सीजेंटा और 8744 जैसी हाइब्रिड किस्में भी उपलब्ध हैं। शोध प्रजातियों...