रांची, अक्टूबर 30 -- रांची। विशेष संवाददाता झारखंड हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि यदि किसी मृत कर्मचारी के आश्रित को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित किया जाता है, तो नियोक्ता को उस आवेदन की तिथि से ही आर्थिक मुआवजा देना होगा, जिस दिन आश्रित ने अनुकंपा नियुक्ति के लिए आवेदन किया था। चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने यह फैसला सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) की अपील को निष्पादित करते हुए यह सुनाया। मामला ढोरी (के) कोलियरी के एक पीस रेटेड कर्मचारी से जुड़ा है, जिसकी मृत्यु सेवा अवधि के दौरान दिसंबर 1996 में हो गई थी। मृतक की पत्नी ने 15 अक्तूबर 1998 को अनुकंपा पर नियुक्ति के लिए आवेदन दिया था। लेकिन सीसीएल ने वर्ष 2002 में यह कहते हुए आवेदन अस्वीकार कर दिया कि नियमों के अनुसार ऐसा आवेदन मृत्यु के छह मह...