छपरा, सितम्बर 22 -- छपरा, हमारे संवाददाता। अनीमिया पर अब केवल आयरन की गोली देना पर्याप्त नहीं होगा। 30 नवंबर तक चल रहे 'अनीमिया मुक्त बिहार विशेष अभियान' में किशोरियों और महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए सभी आयु वर्ग के लोगों की जांच की जा रही है।

जांच प्रक्रिया मध्यम और गंभीर अनीमिया से पीड़ित लाभार्थियों की पहचान के बाद जांच, उपचार, परामर्श और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश राज्य स्वास्थ्य समिति की अपर कार्यपालक निदेशक डॉ. अनुपमा सिंह ने दिया है। अभियान में 'टेस्ट, ट्रीट, टॉक और ट्रेस' की रणनीति अपनाई जा रही है। गंभीर अनीमिया मिलने पर हीमोग्लोबिन, सीबीसी, सीरम फेरिटिन, विटामिन बी-12,टीएसएच और टीआईबीसी जैसी आवश्यक जांच कराने को कहा गया है।

उपचार के दिशा-निर्देश उपचार शुरू होने के एक माह बाद सुधार नहीं होने पर अनीमिया के अन्य का...