बरेली, जनवरी 14 -- बरेली। शिक्षक समायोजन-तृतीय में नियमों की अनदेखी और पारदर्शिता के अभाव को लेकर समायोजित शिक्षक उच्च न्यायालय इलाहाबाद पहुंचे। शिक्षकों का आरोप है कि इस चरण में न तो अतिरिक्त शिक्षकों की सूची सार्वजनिक की गई और न ही रिक्त विद्यालयों की जानकारी दी गई। प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार ने कहा कि समायोजन-तृतीय में नियमों का पालन नहीं हुआ, इसलिए यह प्रक्रिया गलत है। मंडलीय मंत्री केसी पटेल ने बताया कि 55 वर्ष से अधिक आयु की अधिकांश महिला शिक्षिकाओं को 60-80 किमी दूर भेजा गया, जो अन्यायपूर्ण है। साथ ही मान्यता प्राप्त संघ पदाधिकारियों को भी नियम विरुद्ध दूरस्थ ब्लॉकों में स्थानांतरित किया गया। सुनवाई न होने पर शिक्षकों ने रिट याचिका दाखिल की है, जिसकी शीघ्र सुनवाई होगी।

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