कानपुर, जून 24 -- कानपुर देहात। आग लगने की घटना से लखनऊ के कोचिंग सेंटर में 15 बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री ने बेसमेंट में कोचिंग अस्पताल चलने पर कार्रवाई की बात कही,लेकिन जिले में बेसमेंट में कोचिंग अस्पताल से लेकर शॉपिंग माल तक संचालित हैं। कोचिंग सेंटर और पुस्तकालयों की बात करें तो इनकी जांच विभाग ने भी की थी,लेकिन बंद करने के निर्देश का पालन नहीं हुआ इसे देखने की फुर्सत नहीं मिली। जनपद में बेसमेंट में कोचिंग अस्पताल से लेकर शापिंग मॉल तक चल रहे हैं। इसके बाद भी जांच का दायरा कोचिंग से आगे नहीं बढ़ सका है। जनपद में कहने को तो सिर्फ 37 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं,लेकिन हकीकत यह है कि एक ही कस्बे में 37 सेंटर मिल जायेंगें। शिक्षा विभाग के अफसरों ने कभी कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी के मानकों और नियमों की जांच तक नहीं की। रही बात बेसमेंट में ...