दुमका, मई 6 -- राजकुमार कुशवाहा दुमका।भले ही स्वस्थ्य समाज के निर्माण को लेकर सरकार लगातार कोई न कोई योजना लाकर आम नागरिकों के स्वास्थ्य का भरपूर ध्यान रखने का प्रयास कर रही है, पर लाखों खर्च के बाद तैयार योजनाओं की देख रेख की कोई व्यवस्था नहीं करा रही है। ऐसे योजनाओं को संबंधित विभाग व संवेदक की ओर से योजना को धरातल पर भी उतार दिया जाता है। लेकिन पांच वर्ष के बाद उसी योजना को पुन: दुरूस्त किए जाने का कोई प्लान न तो सरकार के पास होती है और न विभाग के पास। जिला प्रशासन की ओर से भी ऐसी योजनाओं की मोनिट्रिंग नहीं की जा रही है। नतीजा होता है कि जो योजना काफी कम लागत में पुन: दुरूस्त कर आम लोगों को फिर से राहत दिला सकती है, उसके बदले फिर से लाखों-करोंड़ों खर्च कर विभाग व जिला जिला प्रशासन सरकारी राशि का दुरूपयोग करने में नहीं कतराती है। मंगलवा...