रामगढ़, सितम्बर 25 -- रामगढ़, निज प्रतिनिधि जैन धर्म में अनंत चतुर्दशी, जिसे अनंत चौदस भी कहा जाता है, आत्मशुद्धि, साधना और मोक्ष की दिशा में आगे बढ़ने का अत्यंत पवित्र पर्व माना जाता है। यह दिन दसलक्षण पर्व के समापन के साथ-साथ उत्तम ब्रह्मचर्य धर्म के विशेष पालन के लिए महत्वपूर्ण है। इस अवसर पर जैन समाज के श्रद्धालु जिनालयों में विशेष पूजा-अर्चना, अभिषेक और धार्मिक अनुष्ठान कर आत्मचिंतन करते हैं। श्री दिगम्बर जैन समाज रामगढ़ के पूर्व अध्यक्ष मानिक चंद जैन ने बताया कि जैन धर्म में भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी को दसलक्षण पर्व का अंतिम दिन माना जाता है। यह भी पढ़ें- Ramgarh News: आत्मा में स्थिर होना ही उत्तम ब्रह्मचर्य : मुनिश्री शुभानंद महाराज दस दिनों तक चलने वाले इस आध्यात्मिक पर्व में उत्तम क्षमा, मार्दव, आर्जव, शौच, सत्य, संय...