सहरसा, फरवरी 25 -- सत्तरकटैया, एक संवाददाता। दिव्य ज्योति जाग्रति संस्थान द्वारा कामधेनु गौशाला की उपशाखा के निमित्त आयोजित सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का समापन मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। कथा के अंतिम दिन संस्थान के संस्थापक दिव्य गुरु सर्वश्री आशुतोष महाराज जी की शिष्या भागवताचार्या साध्वी आस्था भारती ने अध्यात्म के महत्व पर प्रेरक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि भारत को अपने अध्यात्मिक मूल स्रोतों की ओर लौटना होगा तथा ब्रह्मज्ञान के माध्यम से ब्रह्म की प्रत्यक्ष अनुभूति करनी होगी। साध्वी आस्था भारती ने सुदामा के मैत्री भाव और श्रीकृष्ण के स्वधाम गमन के प्रसंगों का अत्यंत कारुणिक वर्णन किया। साथ ही शुकदेव जी महाराज की कृपा से प्राप्त परीक्षित की परमगति पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब - जब संसार विकारों के अंधकार ...