मथुरा, जून 30 -- नकलविहीन और शांतिपूर्ण यूपी-टीईटी परीक्षा का आयोजन वास्तव में राज्य के अधिकारियों और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। विगत वर्षों में राज्य में हुए पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली की घटनाओं के इतिहास को देखते हुए आयोग ने इस बार अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। यह परीक्षा परीक्षा 2, 3 और 4 जुलाई को जिले के 15 परीक्षा केन्द्रों पर आयोजित होने जा रही है। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि टेट परीक्षा के दौरान नकल माफियाओं और साल्वर गिरोहों पर नकेल कसने के लिए परीक्षा केंद्रों पर बायोमीट्रिक जांच और आइरिस स्कैनिंग की व्यवस्था की गई है। पेपर लीक और नकल रोकने के लिए राज्य सरकार द्वारा कड़ा अध्यादेश लागू किया गया है, जिसमें दोषियों के लिए उम्रकैद तक की सजा और भारी जुर्माने का प्रावधान है। संवे...