नई दिल्ली, मई 22 -- इस बार अधिकमास की अमावस्या और मिथुन संक्रांति दोनों एक ही दिन पड़ रही हैं। यह एक खास संयोग हैं। इस साल जून में ज्येष्ठ अधिक मास अमावस्या होगी। इसी दिन सूर्य का गोचर मिथुन राशि में होगा। इन दोनों का एक दिन होना एक दुर्लभ संयोग है। इस साल अमावस्या तिथि 4 जून 2026 को दोपहर 12 बजे शुरू होगी और अगले दिन 15 जून 2026, सुबह 8:23 बजे समाप्त होगी। ऐसे में अमावस्या का दान 15 जून को किया जाएगा। तिथि का समापन 15 जून की सुबह है और अमावस्या का मुख्य पुण्य काल सूर्योदय के समय माना जाता है, इसलिए दान और धार्मिक अनुष्ठान 15 जून 2026, सोमवार को किए जाएंगे। इसे सोमवती अमावस्या कहेंगे, जो सोमवार को होगी। इस दिन दान और पुण्य का अच्छा योग रहेगा। इसलिए सोमवती अमावस्या और अधिकमास और मिथुन संक्रांति के कार आप इस दिन जल, पंखा, फल, छाता, चप्पल, क...