बेगुसराय, फरवरी 18 -- नावकोठी, निज संवाददाता। अधर्म और अत्याचार चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, अंततः धर्म और सत्य की ही विजय होती है। ये बातें वृंदावन से आयी कथावाचिका सुश्री वैदेही शरण ने मंगलवार की रात पहसारा में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के दौरान कहीं। उन्होंने कहा कि जब-जब पृथ्वी पर पाप और अत्याचार बढ़ता है, तब-तब भगवान अवतार लेकर धर्म की स्थापना करते हैं। उन्होंने मथुरा के अत्याचारी राजा कंस का प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान रुक्मिणी हरण प्रसंग का भी भावपूर्ण वर्णन किया गया। वैदेही शरण जी महाराज ने कहा कि प्रेम के मार्ग पर चलना ही संसार का सबसे सुंदर मार्ग है, जहां समर्पण, विश्वास और त्याग की भावना सर्वोपरि होती है।
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