अधर्म का अंत और धर्म के विजय का प्रतीक है रावण वध
बलिया, मई 3 -- फेफना, हिन्दुस्तान संवाद। शक्ति सम्राट महाराज ने रावण वध के बाद अयोध्या वापसी और राज्याभिषेक की कथा सुनाकर श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। प्रवचन में बताया कि पराक्रमी योद्धाओं के वीर गति प्राप्त करने के बाद रावण स्वयं युद्धभूमि में आया और विभीषण ने भगवान श्रीराम को रावण की नाभि में स्थित अमृत का रहस्य बताया, जिसके बाद श्रीराम ने अग्नि बाण से रावण के नाभि का अमृत को सुखाया और अंत में ब्रह्मास्त्र से उसका वध कर अधर्म का अंत किया।बघेजी स्थित नवनिर्मित श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में चल रहे श्री विष्णु महायज्ञ में शनिवार को प्रवचन करते हुए महाराज ने बताया कि रावण वध के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण विभीषण के साथ पुष्पक विमान से अयोध्या लौटे। 14 वर्षों का वनवास पूर्ण होने पर अयोध्या में उनके आगमन की खबर से खुशी की लहर...
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