नई दिल्ली, जनवरी 9 -- केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को बताया है कि एयर प्यूरीफायर पर जीएसटी की दर, वर्गीकरण और कटौती से संबंधित मामले पूरी तरह से जीएसटी परिषद के अधिकार क्षेत्र में आते हैं। केंद्र ने चेतावनी दी है कि इस संबंध में कोई भी न्यायिक निर्देश न केवल संवैधानिक रूप से अस्वीकार्य होगा बल्कि सहकारी संघवाद के ढांचे का भी उल्लंघन करेगा। एयर प्यूरीफायर पर जीएसटी कम करने और उन्हें मेडिकल डिवाइस घोषित करने की मांग वाली जनहित याचिका के जवाब में केंद्र सरकार ने हलफनामा दायर किया है। इसमें केंद्र सरकार ने कहा कि जीएसटी परिषद संविधान के अनुच्छेद 279ए के तहत गठित एक संवैधानिक निकाय है। वह जीएसटी दरों, छूटों और वर्गीकरणों पर सिफारिशें करने के लिए एकमात्र संवैधानिक रूप से नामित प्राधिकरण है।सिफारिशें करने की गुंजाइश नहीं केंद्र सरकार ने कहा ...