नई दिल्ली, अक्टूबर 31 -- सुप्रीम कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता की उस याचिका को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसमें आवारा कुत्तों के मामले में राज्यों के मुख्य सचिवों को वर्चुअली उपस्थित होने की इजाजत मांगी गई थी। कोर्ट ने जोर देकर कहा कि उन्हें 3 नवंबर को अदालत में शारीरिक रूप से उपस्थित होना होगा। जस्टिस विक्रमनाथ और संदीप मेहता की बेंच ने कहा, 'कोर्ट के आदेशों का कोई सम्मान नहीं है। राज्य के मुख्य सचिव शारीरिक रूप से आएं।' यह भी पढ़ें- महिलाओं को शराब पीते देख शर्म आती है, बर्बादी की ओर जा रहा समाज; ASP का बयान जस्टिस नाथ ने कहा, 'जब हम उनसे अनुपालन हलफनामा दाखिल करने के लिए कहते हैं तो वे बस, इस पर चुप्पी साधे रहते हैं। अदालत के आदेश के प्रति कोई सम्मान नहीं। तो ठीक है, उन्हें आने दीजिए।' इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार ...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.