प्रयागराज, अगस्त 7 -- माफिया अतीक अहमद के छोटे बेटे आबान के जनाजे में उसके बड़े बेटे अली अहमद और उमर शामिल नहीं हो सकेंगे। अली और उमर को छोटे भाई आबान का अंतिम दर्शन करने और सुपुर्द-ए-खाक में शामिल होने के लिए अंतरिम जमानत अथवा पैरोल नहीं मिल सकी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश रजनीश मिश्रा ने दोनों की अर्जी यह कहते हुए खारिज कर दी कि विचारण न्यायालय के पास इस प्रकार की अंतरिम जमानत या पैरोल देने की शक्ति का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। हालांकि अदालत ने उन्हें सक्षम प्राधिकारी या सक्षम न्यायालय के सामने विधि के अनुसार प्रार्थनापत्र प्रस्तुत करने की स्वतंत्रता दी है। आबान की गुरुवार की दोपहर झांसी में सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उसका शव झांसी से प्रयागराज लाकर दफनाया जाएगा। अली झांसी जेल और उमर लखनऊ की जेल में बंद हैं। इनकी तरफ से दिए गए प्...