पलामू, अक्टूबर 7 -- नीलांबर-पीतांबरपुर। कुपोषित एवं अति-कुपोषित बच्चों की समय पर पहचान और उन्हें स्वास्थ्य व पोषण सेवाओं से जोड़ने के लिए पलामू जिले के नीलांबर-पीतांबरपुर प्रखंड की आंगनबाड़ी सेविकाओं को दो दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण में बच्चों की लंबाई व वजन सही तरीके से मापने, पोषण स्थिति का आकलन करने और कुपोषण के संकेतों की पहचान पर जोर दिया गया। प्रशिक्षकों ने बताया कि केवल कम वजन होना कुपोषण का एकमात्र संकेत नहीं है, बल्कि बच्चे की संपूर्ण स्वास्थ्य एवं पोषण स्थिति का आकलन जरूरी है। सामर कार्यक्रम के तहत मोबाइल एप पर बच्चों की जानकारी दर्ज करने, नियमित निगरानी और फॉलोअप की प्रक्रिया भी समझाई गई। चिह्नित बच्चों को स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने के लिए स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों के साथ समन्वय पर जोर दिया गया। प्रशिक्षण का स...