औरंगाबाद, फरवरी 6 -- दाउदनगर प्रखंड क्षेत्र के बिरई गांव में सर्वे की पइन अतिक्रमण के कारण लगातार संकीर्ण होती जा रही है, जिससे गांव की जीवनरेखा मानी जाने वाली यह पइन अब किसानों के लिए अभिशाप बनती जा रही है। लगभग तीन से साढ़े तीन दशक पुरानी इस समस्या के चलते खेती पूरी तरह अनिश्चित हो गई है और ग्रामीणों की चिंता लगातार बढ़ रही है। पइन के प्राकृतिक बहाव में बाधा आने से कभी खेतों में सूखाड़ की स्थिति बन जाती है तो कभी जलजमाव के कारण फसल नष्ट हो जाती है। ग्रामीणों के अनुसार बुलाकी बीघा से सम्हारिया तक सर्वे की पइन के करीब एक हजार मीटर हिस्से में अतिक्रमण हो चुका है, जिससे जलनिकासी बुरी तरह प्रभावित है और इसके पश्चिमी क्षेत्र की लगभग पांच सौ एकड़ तथा पूर्वी क्षेत्र की करीब सात सौ एकड़ भूमि या तो सूखी रह जाती है या फिर पानी से भर जाती है। हर सा...