बांदा, जून 5 -- अतर्रा। तीन दशक पूर्व सरोवरो के नाम से जाना जाने वाला अतर्रा अब चारों तरफ तालाबों पर अति क्रमण का शिकार हो गए। जहां लोगों ने मनमाने तरीके से उन्हें पाट कर आलीशान भवनो का निर्माण करा लिया। तालाबों में पानी का भराव ना होने की वजह से गंभीर रूप से जलस्तर का संकट बन गया है l कस्बा के बीचो बीच एवं इर्द-गिर्द लगभग एक दर्जन छोटे बड़े तालाब स्थापित थे l इतना ही नहीं चार दशक पूर्व शान द्वारा गौरा बाबा धाम के समीप जल संस्थान की स्थापना कर हर वार्ड गली मोहल्ले में पाइपलाइन डालकर पेंयजल की व्यवस्था की गई थीl वहीं नगर पालिका परिषद अतर्रा एवं जल संस्थान द्वारा नगर के सभी वार्डों में लगभग 1000 के आसपास हैंड पंप लगवाए गए थे ताकि लोगों को पीने के पानी की असुविधा न होl दो दशक पूर्व जो हैंड पंप लगाए गए थे उनमें जल स्तर का मानक 40 से 50 फुट गह...