औरंगाबाद, जून 4 -- नवीनगर की जीवनदायिनी मानी जाने वाली पुनपुन नदी अतिक्रमण, प्रदूषण और उपेक्षा के कारण अपने अस्तित्व के संकट से जूझ रही है। बिहार-झारखंड सीमा पर स्थित कुंड के समीप उद्गम स्थल से निकलने वाली यह नदी नवीनगर शहर होते हुए बारुण प्रखंड के सिरिस गांव के पास बटाने नदी से मिलती है। लगभग 45 किलोमीटर लंबी यह नदी अनेक गांवों और वार्डों को जोड़ते हुए आगे पटना के समीप गंगा में समाहित होती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी के दोनों किनारों पर लगातार अतिक्रमण होने से इसकी चौड़ाई घटती जा रही है। कई स्थानों पर मकान निर्माण और गाद जमाव के कारण जल प्रवाह बाधित हो गया है। यह भी पढ़ें- विद्युत नगरी चंद्रपुरा व कोयलांचल में पर्यावरण का बुरा हाल गांवों और घरों का गंदा पानी तथा कूड़ा-कचरा सीधे नदी में गिरने से प्रदूषण बढ़ रहा है। नदी में झाड़िया...