गिरडीह, जून 9 -- झारखंडधाम। गिरिडीह जिले के जमुआ प्रखंड स्थित झारखंडधाम, राज्य के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों में शुमार है। प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक मान्यताओं और धार्मिक आस्था का केंद्र यह धाम आज अतिक्रमण और बदहाल व्यवस्थाओं की वजह से अपनी पहचान खोने के कगार पर पहुंचता दिख रहा है। करीब 14 एकड़ क्षेत्र में फैला झारखंडधाम इरगा नदी और शिवगंगा के बीच बसा एक रमणीय स्थल है। मान्यता है कि प्राचीन काल में लंकेश रावण और वीर अर्जुन ने यहां तपस्या की थी, जिसके कारण यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। सावन, महाशिवरात्रि और अन्य धार्मिक अवसरों पर यहां हजारों श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती है। लेकिन बढ़ती लोकप्रियता के साथ धाम पर अतिक्रमण का संकट भी गहराता गया। स्थानीय लोगों का दावा है कि धाम की लगभग 40 प्रतिशत भूमि पर अवैध और बेतरतीब ...