हापुड़, जनवरी 13 -- हापुड़। नगर के बुलंदशहर रोड स्थित श्री मां मंशा देवी मंदिर परिसर में 16वें वार्षिक उत्सव के उपलक्ष में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन कथाव्यास आचार्य राजीव कृष्ण भारद्वाज ने भक्ति की शक्ति का वर्णन किया। कथा की शुरुआत भगवान के मधुर भजनों और व्यास पूजन के साथ हुई। कथावाचक राजीव कृष्ण भारद्वाज ने कहा कि बिना बुलाए कहीं जाने पर मान-सम्मान की हानि होती है, चाहे वह पिता का घर ही क्यों न हो। उन्होंने बताया कि कैसे दक्ष प्रजापति के अहंकार के कारण सती को योगाग्नि में अपने शरीर का त्याग करना पड़ा। उन्होंने संदेश दिया कि भक्ति में अहंकार का कोई स्थान नहीं है। तीसरे दिन की मुख्य कथा.में ध्रुव चरित्र रही। मात्र पांच वर्ष की आयु में बालक ध्रुव के वन गमन और उनकी कठोर तपस्या का सजीव वर्णन सुनकर पांडाल में उपस्थित हर ...