देवघर, अप्रैल 13 -- एसपी माइंस चितरा कोलियरी के 10 नंबर कोल डंप में स्थानीय हितों की अनदेखी के खिलाफ छेड़ा गया अड़खा लीडरों का आंदोलन आखिरकार रंग लाया। करीब पांच दिनों तक चले जोरदार विरोध-प्रदर्शन के बाद ट्रांसपोर्टर को झुकते हुए अड़खा लीडरों की मांगें माननी पड़ीं। अब मंगलवार से कोयला ट्रांसपोर्टिंग कार्य दोबारा शुरू होने जा रहा है। मामला नए ट्रांसपोर्टर मां जगदम्बा माइनिंग से जुड़ा है, जिसपर अड़खा लीडरों ने स्थानीय युवकों को रोजगार से वंचित करने और अड़खा की सफाई मशीनों से नहीं कराने का आरोप लगाया था। इसके विरोध में जेएलकेएम सह विस्थापित नेता अरूण महतो के नेतृत्व में 8 अप्रैल से कोयला क्रशिंग कार्य पूरी तरह ठप कर दिया गया था। यह भी पढ़ें- जोरदाग में वार्ता के बाद चंद्रगुप्त परियोजना प्रारंभ आंदोलनकारियों का कहना था कि कोल डंप में हाइवा और...
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