एटा, अगस्त 18 -- अजीत की मौत की गुत्थी उलझ गई है। मंगलवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में विसरा सुरक्षित रखा गया है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण पता चल सकेगा। शव भी काफी सड़ गया था। कोतवाली देहात के गांव अमरगोजिया निवासी विश्वनाथ सिंह ने बताया कि वर्तमान में चौंचा वनगांव में रहते है और कई गाड़ियां चलती हैं। कासगंज रोड पर ऑफिस भी है। इस पर भाई अजीत यादव उर्फ रवि (24) पुत्र धनवीर सिंह बैठता था और सारे काम संभालता था। भाई के अनुसार वह 15 अगस्त की सुबह से ऑफिस जाने की कहकर निकला था उसके बाद से वह पता नहीं चला था। काफी तलाश करने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका था। सोमवार सुबह पत्नी खेत की तरफ तलाश करते हुए पहुंची। खेत में अजीत का शव पड़ा मिला। भाई ने हत्या का आरोप लगाया था। दो चिकित्सीय पैनल डा. राजीव किशोर, डा. उत्सव जैन की द...