पटना, मार्च 25 -- समयपूर्व सेवानिवृत्त किए गये आईपीएस अजय वर्मा पर चल रही विभागीय कार्यवाही बिना दंड समाप्त कर दी गयी है। राज्य सरकार के गृह विभाग (आरक्षी शाखा) ने इससे संबंधित संकल्प जारी किया है। संकल्प पत्र के मुताबिक, पूर्व रेल डीआईजी अजय वर्मा के खिलाफ पद का दुरुपयोग करने संबंधित कृत्य के लिए अप्रैल 2011 में अनुशासनिक कार्यवाही शुरू की गयी थी। श्री वर्मा के बचाव बयान समर्पित नहीं करने पर मुख्य जांच आयुक्त ने सुनवाई कर फरवरी 2022 में प्रतिवेदन दिया। इसमें उनके खिलाफ गठित आरोप प्रमाणित पाए गए। मगर गृह मंत्रालय ने वाद के परीक्षण में त्रुटियां इंगित करते हुए उनके निराकरण के लिए मुख्य जांच आयुक्त से अनुरोध किया। दिसंबर 2025 में मुख्य जांच आयुक्त ने अजय वर्मा के विरुद्ध गठित आरोप प्रमाणित नहीं होने की रिपोर्ट दी। इसके आधार पर उनके विरुद्ध ...