जमुई, फरवरी 23 -- जमुई, निज संवाददाता रमजान का पूरा महीना मोमिनों के लिए खुदा की तरफ से अजमत, रहमत और बरकतों से लबरेज है। लेकिन अल्लाह ने इस मुबारक महीने को तीन अशरों में तकसीम किया है। पहला अशरे में 10 दिनों तक अल्लाह की रहमत से सभी सराबोर होते रहेगे। एक से 10 रमजान यानी पहले अशरे में खुदा की रहमत नाजिल होती है। दसवीं रमजान से दूसरा अशरा शुरू होगा। रमजान का पहला अशरा बेशुमान रहमत वाला है। पूरे रमजान माह को 3 अशरों में बांटा गया है। रमजान के पहले दस दिनों को पहला अशरा, दूसरे दिनों को दूसरा अशरा और आखिरी दस दिनों को तीसरा अशरा कहा जाता है। यानी पहले रोजे से 10वें रोजे तक पहला अशरा, 11वें से 20वें रोजे तक दूसरा अशरा और 21वें रोजे से 30वें रोजे तक तीसरा अशरा होता है। पैगंबर साहब (सल्ल) की एक हदीस है जिसका मजमून है कि रमजान का पहला अशरा रहमत ...
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