मेरठ, मार्च 18 -- कैलाश पर्वत रचना के मुख्य जिनालय में चल रहे 48 दिवसीय भक्तामर विधान एवं पाठ के 39वें दिन सर्वप्रथम मंगलाष्टक सकलीकरण के साथ मंत्रोच्चारण पूर्वक भगवान का नित्य नियम पूजन किया गया। इसके पश्चात भगवान आदिनाथ का अभिषेक व शांतिधारा की मांगलिक क्रियाएं की गई। बुधवार को 451 परिवारों ने भाग लिया। विधान के मध्य धर्म सभा में मुनि भाव भूषण महाराज ने प्रवचन में कहा कि विचारों की शुद्धि हो जाने पर हमारी वाणी में सत्यता व सरलता का अद्भुत समागम हो जाता है। विधान में शांतिधारा सुशील जैन एवं सौधर्म इंद्र बनकर भगवान का स्वर्ण कलश से अभिषेक नितिन जैन, वैभव जैन ने किया। आरती का दीप प्रज्वलित मिनी जैन, अंजलि जैन ने किया। विधान में दूर दराज से आए परिवारों ने भक्तामर पाठ में शामिल होकर धर्मलाभ अर्जित किया । सायंकाल में भगवान आदिनाथ की आरती की ग...