समस्तीपुर, अप्रैल 18 -- समस्तीपुर। समस्तीपुर एक कृषि प्रधान जिला है। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में स्थिति इतनी बिगड़ी है कि 2011-12 से 2024-25 के बीच लीची उत्पादन में करीब 43 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे उत्पादकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि बेमौसम बारिश, तेज आंधी और ओलावृष्टि ने आम और लीची की फसलों को बार-बार नुकसान पहुंचाया है। वर्ष 2026 में तापमान में असामान्य उतार-चढ़ाव, विशेषकर अधिक ठंड के कारण आम और लीची में मंजर 7 से 10 दिन देरी से आए, जिससे फलन पर सीधा असर पड़ा। किसानों का कहना है कि मंजर देर से आने के कारण उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई और फलों की गुणवत्ता भी कमजोर रही। यह भी पढ़ें- आम और लीची उत्पादक किसानों को नहीं मिलता सरकारी लाभ खासकर छोटे और सीमांत किसानों के लिए लीची की खेती अब महंगी ह...
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