नई दिल्ली, मई 10 -- एक साथ कई लक्ष्यों को भेदने में सक्षम अग्नि मिसाइल का सफल परीक्षण भारत की प्रतिरोधक क्षमता के लिहाज से एक बड़ी उपलब्धि है। जिस 'मल्टीपल इंडिपेंडेंटली टार्गेटेबल री-एंट्री व्हीकल', यानी एमआईआरवी तकनीक से यह लैस है, उसमें मुख्य मिसाइल कई वॉरहेड्स दागती है। नतीजतन, दुश्मन की वायु सुरक्षा प्रणाली को चकमा देना आसान हो जाता है। भारत के अलावा अभी अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन और रूस के पास ही यह तकनीक हैै। हालांकि, परीक्षण की गई मिसाइल की मारक-क्षमता नहीं बताई गई है, लेकिन माना जा रहा है कि साल 2024 में 'मिशन दिव्यास्त्र' के तहत इसी तकनीक से लैस अग्नि 5 का सफल परीक्षण हो चुका है और उसकी रेंज करीब 5,000 किलोमीटर थी, इसलिए इस बार इससे अधिक ही होगी। इसे अग्नि 6 की पूर्वपीठिका भी कहा जा रहा है, जिसकी पुष्टि कम-से-कम दो तथ्य कर रह...