भदोही, अगस्त 17 -- ज्ञानपुर, संवाददाता। मटर की अगेती खेती कर किसान बेहतर मुनाफा कमा सकते हैं। बरसात होने से खेत में पानी भर गया है। मौसम साफ होने के एक सप्ताह तक कृषक खेत में तैयार हरा चरी काटने के बाद उसमें मटर की खेती कर सकते हैं। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के प्रसार विशेषज्ञ डा. आरपी चौधरी ने बताया कि सब्जी मटर की अगेती फसल में काशी, कानी नंदनी व मुख्य समय प्रजाति आजाद मटर तीन व काशी उदय व काशी शक्ति है। अगेती मटर की बुवाई 25 सितंबर से दस अक्टूबर तक हो जाना चाहिए। मटर फसल की सिंचाई नवंबर माह में फूल आने पर फुहारा विधि से करना चाहिए। मटर फसल का बीज शोधन किसान जरुर करें ताकि अच्छी पैदावार कर सकें। अगेती में मटर की खेती करने वाले अन्नदाता 40 किलो प्रति बीघा की दर से बुवाई करें। प्रति किलो मटर की बीज में 2.5 ग्राम कार्बेंडाजिम या छह-सात ग्...