नई दिल्ली, जुलाई 15 -- Kaushiki amavasya 2026: हिंदू धर्म में हर अमावस्या (अमावस) तिथि का अलग महत्व होता है। भाद्रपद माह में कौशिकी अमावस्या आती है, जिसे कुशोत्पाटिनी अमावस्या, कुशग्रहणी अमावस्या, कुशी अमावस्या, भाद्रपद अमावस्या या पिठोरी अमावस्या भी कहा जाता है। इस दिन वर्ष भर के धार्मिक कार्यों के लिए पवित्र 'कुश' (एक विशेष प्रकार की घास) इकट्ठी की जाती है। कौशिकी अमावस्या का पश्चिम बंगाल के बीरबल स्थित तारापीठ मंदिर में विशेष महत्व है। इस दिन मां तारा की पूजा का विधान है।भाद्रपद (कौशिकी) अमावस्या कब है 2026: हिंदू पंचांग के अनुसार, भाद्रपद कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि 10 सितंबर को सुबह 07 बजकर 03 मिनट पर प्रारंभ होगी और 11 सितंबर को सुबह 05 बजकर 26 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि मान्य होने के कारण भाद्रपद या कौशिकी अमावस्या 10 सितंबर 20...