पूर्णिया, सितम्बर 27 -- पूर्णिया। सनातन धर्म में पितृपक्ष का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व है। पितरों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और उनके मोक्ष की कामना के साथ मनाया जाने वाला पितृपक्ष भाद्रपद पूर्णिमा के अवसर पर अगस्त मुनि के तर्पण से प्रारंभ हुआ। इस अवसर पर पूर्णिया सिटी कालीबाड़ी के समीप सौरा नदी तट पर भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे और विधि-विधानपूर्वक तर्पण किया। सनातन संस्कृति में पितृ तर्पण अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक कर्तव्य माना गया है। पितृपक्ष में अपने पितरों का स्मरण, तर्पण एवं श्रद्धापूर्वक पूजन करने की परंपरा प्राचीन काल से चली आ रही है। भाद्रपद पूर्णिमा के दिन ऋषि तर्पण किया जाता है और इसी के साथ पितृपक्ष की धार्मिक गतिविधियों का शुभारंभ माना जाता है। यह भी पढ़ें- कपिलमुनि के पानी देने के साथ ही पितृपक्ष शुरू यह आश्विन अमाव...