भागलपुर, अगस्त 9 -- भागलपुर, वरीय संवाददाता। महात्मा गांधी के आह्वान पर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ नौ अगस्त 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत हो गई। सन 1942 की इस अगस्त क्रांति ने संयुक्त भागलपुर व बांका जिले में अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ ऐसा जनआक्रोश पैदा किया था, जिसने विदेशी शासन की चूलें हिला दी थीं। बिहार सरकार के अभिलेखागार में दर्ज जानकारी के अनुसार, भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान भागलपुर जिले के 1142 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। 463 क्रांतिकारियों को सजा सुनाई गई, जबकि तीन स्वतंत्रता सेनानियों को फांसी दी गई। सरकारी भवनों और थानों पर तिरंगा फहराने के दौरान अंग्रेजी सेना और पुलिस की गोली से करीब 250 लोगों ने शहादत दी थी। आंदोलनकारियों ने जिले के 20 थानों पर भी हमला किया था。 यह भी पढ़ें- अगस्त क्रांति के योद्धा को मिली थी 15 सा...