नई दिल्ली, अक्टूबर 28 -- ज्योतिष शास्त्र में शनि को सबसे धीमी गति का ग्रह माना जाता है। मीन राशि में शनि का गोचर 29 मार्च 2025 को हुआ था और यह 03 जून 2027 तक यानी करीब अगले 218 दिन तक रहेंगे। हालांकि बीच-बीच में कुछ समय के लिए शनि की स्थिति में वक्री होने के कारण बदलाव होता रहा है। इस समय मीन राशि पर शनि की साढ़ेसाती का दूसरा यानी शिखर चरण चल रहा है। वर्तमान में शनि मीन राशि (लग्न) पर वक्री अवस्था में गोचर कर रहे हैं। साढ़ेसाती के प्रभाव के कारण जहां मीन राशि पर मानसिक और शारीरिक परेशानियों का संकेत है, वहीं यह गोचर कई राशियों के लिए वरदान समान भी साबित हो सकता है। पंडित नरेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि अक्सर शनि का नाम सुनते ही लोगों के मन में भय या डर आता है। लेकिन शनि हर समय खराब या अनिष्टकारी परिणाम नहीं देते हैं। पंडित का कहना है कि साढ...