नई दिल्ली, अप्रैल 28 -- आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता रहे राघव चड्ढा ने हाल ही में राज्यसभा के 6 अन्य सदस्यों के साथ पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का ऐलान किया। लेकिन इस पूरी घटना में एक बड़ा विरोधाभास छिपा है। अगर 4 साल पहले राज्यसभा के सबसे युवा सदस्य के रूप में राघव चड्ढा द्वारा पेश किया गया पहला विधेयक आज कानून बन चुका होता, तो वह और उनके साथी इस तरह से पाला नहीं बदल पाते।क्या है पूरा मामला? हाल ही में राघव चड्ढा ने यह घोषणा की कि वह आम आदमी पार्टी के 6 अन्य राज्यसभा सांसदों के साथ मिलकर BJP में विलय कर रहे हैं। उन्होंने इसके लिए 'दो-तिहाई (2/3) बहुमत' के नियम का हवाला दिया। वर्तमान में राज्यसभा में AAP के 10 सांसद हैं, और 7 सांसदों (चड्ढा सहित) का एक साथ जाना मौजूदा दल-बदल विरोधी कानून के तहत 2/3 के आंकड़े को प...