नई दिल्ली, अप्रैल 27 -- UP News: समाजवादी पार्टी (सपा) के मुखिया अखिलेश यादव अब 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर एक ऐसी आक्रामक रणनीति पर काम कर रहे हैं, जिसका सीधा असर बसपा के वजूद पर पड़ सकता है। सपा का मानना है कि सत्ता की वापसी का रास्ता बसपा के उस पुराने और अनुभवी कैडर से होकर गुजरता है, जो वर्तमान में खुद को नेतृत्व विहीन या उपेक्षित महसूस कर रहा है। पिछले ही हफ्ते बसपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता एमएच खान भी सपा में शामिल हुए हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, अखिलेश यादव ने बीआर अंबेडकर और कांशीराम की वैचारिक विरासत को 'पीडीए' की छतरी के नीचे लाने का फैसला किया है। इसके लिए उन चेहरों को प्रमुखता दी जा रही है जिन्होंने कभी कांशीराम के साथ मिलकर गांव-गांव में बसपा का आधार तैयार किया था। सपा की इस रणनीति में मायावती के करीबी रहे चेहरे सबसे अहम भू...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.